05/09/2026
मुंबई की भागदौड़ भरी जिंदगी में 'मकान' और 'मुकाम' के बीच का फासला अक्सर बहुत छोटा लगता है, लेकिन क्या वाकई ये दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू हैं? यह वीडियो इसी सवाल की गहराई में उतरता है।
मुंबई जैसे शहर में जहां एक छत के नीचे आना ही सबसे बड़ी कामयाबी मानी जाती है, वहां 'मकान' बनाना ही 'मुकाम' हासिल करने जैसा है। एक छोटी सी शायरी के जरिए इस अहसास को खूबसूरती से बयां किया गया है— नीचे जमीन, ऊपर आसमान है, मुंबई में मकान ही मुकाम है।
क्या आपको भी लगता है कि इस शहर में घर होना ही सफलता का सबसे बड़ा पैमाना है? या फिर मुकाम की परिभाषा इससे कहीं बढ़कर है? अपनी राय कमेंट्स में जरूर साझा करें।