29/11/2025
सदियों तक किसी ने सच को दबाने की कोशिश की, कभी जुल्म बदला, कभी चेहरे बदले, लेकिन हमारे राम के लिए धड़कने वाला विश्वास कभी नहीं टूटा। इतिहास की हर चोट ने हमें कमजोर नहीं किया, बल्कि और मजबूत बनाया। हर पीढ़ी ने इस संघर्ष को अपने खून की गर्मी से आगे बढ़ाया, ताकि आने वाला समय जान सके कि राम सिर्फ़ धर्म का नाम नहीं, बल्कि हमारी अस्मिता, हमारी पहचान और हमारे स्वाभिमान की जड़ है।
आज जब यह ध्वज हवा में लहराता है, तो ये सिर्फ़ किसी कपड़े का टुकड़ा नहीं होता। इसमें 500 वर्षों की वेदना, त्याग, संघर्ष और तपस्या की गाथा छिपी है। इसे ध्वज कहना आसान है, पर इसे महसूस करना हर दिल का काम है जो राम की भक्ति में धड़कता है। यह उस देश की पहचान है जहाँ राम का नाम जीवित है और हमेशा रहेगा।
आज की पीढ़ी उठे हुए माथे के साथ कहती है—हमने अपना इतिहास पा लिया है।
जय श्री राम