15/09/2026
चाय की थड़ी से लेकर बड़े मॉल तक रोजाना डिजिटल पेमेंट करने वालों के लिए वित्त मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण गजट नोटिफिकेशन जारी किया है। पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट 2007 की धारा 10A के तहत, ₹2000 तक के सभी UPI और RuPay-संचालित डेबिट कार्ड भुगतानों को विशेष ‘इलेक्ट्रॉनिक मोड ऑफ पेमेंट’ के दायरे में रखा गया है। इसका मतलब है कि बैंक इन पर कोई भी प्रत्यक्ष (Direct) या अप्रत्यक्ष (Indirect) चार्ज नहीं वसूल सकते हैं।
सोशल मीडिया पर ₹2000 से ऊपर के ट्रांसफर पर चार्ज लगने की उड़ी अफवाहों पर भी सरकार ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। आम ग्राहकों के बीच (P2P) होने वाले सामान्य लेनदेन पूरी तरह मुफ्त रहेंगे, चाहे रकम ₹2000 से कितनी भी अधिक क्यों न हो। हालांकि, ₹2000 से बड़े 'मर्चेंट ट्रांजैक्शन' (व्यापारियों को पेमेंट) पर 0.25% से 0.40% तक का मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू होने की सुगबुगाहट है। लेकिन, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साफ किया है कि इसका भार ग्राहकों (खरीदारों) पर नहीं पड़ेगा, बल्कि यह केवल व्यापारियों के लिए विचाराधीन है।